शुरुवात: एक प्रयास
कई ब्लाग हिंदी मे देख कर मन किया कि मेरा भी एक ब्लाग होना चाहिये. अब लिखूँ क्या…सोचा जहाँ तक मन की उडान जायेगी, वहाँ तक लिखता जाऊँगा और नाम रखा उडन तश्तरी. बस लिखने लगा अपने एक मित्र के बारे मे और लिख रहा था लिख रहा था… मगर ज्यादा ही लम्बा लिख गया, अब तो मेरी लेखनी आपको पढना ही पडेगी.